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| १. |
: |
काशी खण्ड, १००/१०२।
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| २. |
:
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का. ख. १००/७६।
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| ३. |
:
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का. ख. १००/७६-९६।
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| ४. |
:
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सनत्कुमार संहिता,
काशीदपंण, पृ. ४४।
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| ५. |
:
|
लिंग पुराण, से. पृ. १६६।
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| ६. |
:
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लिं. पु., कृ. क. त., पृ. १०९।
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| ७. |
:
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कृत कल्प तरु, पृ. १२३।
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| ८. |
:
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त्रिस्थली सेतु, पृ. २६१।
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| ९. |
:
|
त्रि. से. पृ. २६१।
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| १०. |
:
|
कृ. क. त., पृ. १२४; त्रि. से., पृ.
२६१।
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| ११. |
:
|
त्रि. से. पृ. २६२।
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| १२. |
:
|
कृ. क. पृ. १२२।
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| १३. |
:
|
का. खं. १००४९-५०।
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| १४. |
:
|
काशी खण्ड, पृ.
१००/६३-६५
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| १५. |
:
|
कृ. क. त, पृ. १२१-१२२
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| १६. |
:
|
कृ. क. त, पृ. १३५।
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| १७. |
:
|
काशी खण्ड, ६३/३२-३५, ६३/४५-४७।
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| १८. |
:
|
का. ख., ९४/३६-३९।
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| १९. |
:
|
ब्रहा वैवर्त पुराण,
काशी दपंण, पृ. १५७।
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| २०. |
:
|
लिंग पुराम, काशी दपंम,
पृ. १५७।
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| २१. |
:
|
अ. शिव रहस्य काशी दपंण,
पृ. १५७।
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| २२. |
:
|
लिंग पुराम, काशी दपंण,
पृ. १५६।
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| २३. |
:
|
का. खं., का. द., पृ. १५६।
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| २४. |
:
|
का. खं. ८४/१०८-११०।
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| २५. |
:
|
त्रि. से., पृ. २६२।
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| २६. |
:
|
का. शं., ७२/८२।
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| २७. |
:
|
का. खं. त्रि. से., पृ. २३०।
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| २८. |
:
|
काशी दपंण, पृ. १३६।
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| २९. |
:
|
त्रि. से., पृ. १९५।
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| ३० |
:
|
का. खं., १००/८७।
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| .३१ |
:
|
ब्रह्म वैवर्त पुराण, काशी
रहस्य, १३/२६-३९।
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| .३२ |
:
|
वही।
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| .३३. |
:
|
वामण पुराण, कृत कल्प
तरु, पृ. २३७।
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| ३४. |
:
|
ब्रह्म वैवर्त पुराण, काशी
रहस्य, ११/१७-१९।
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| ३५. |
:
|
ब्र. वै. पु., का. र., १०/७८-७४।
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| ३६. |
:
|
का. र. १०/५-७।
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| ३७. |
:
|
का. र., १०/२८।
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| ३८. |
:
|
का. र., १०/३२।
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| ३९. |
:
|
का. र, १०/४०।
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| ४०. |
:
|
का. र.,१०/५१।
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| ४१. |
:
|
का. र., १०/५६।
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| ४२. |
:
|
शुक्ल, वैकुण्ठ नाथ,
वाराणसी वैभव, पृ. १७५-२२७।
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