यूनीकोड को व्यापक रूप से विश्वव्यापी सूचना आदान-प्रदान के मानक
के रूप में स्वीकार किया जा रहा है क्योंकि बड़ी आई टी कंपनियों
ने नसके लिए अपने समर्थन की घोषणा की है। भारतीय भाषाओं के
लिए यूनीकोड ISCII-91
का नहीं बल्कि ISCII-88 का प्रयोग करता है जो नवीनतम
सरकारी मानक है। यह महसूस किया
गया कि भारतीय भाषा लिपि से संबंधित कोड में आवयक रूपांतरण
के लिए यूनीकोड कंसोरटियम में भारत सरकार का प्रतिनिधत्व जरूरी
है और इस प्रकार सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, यूनीकोड कैसोरटियम
पूर्ण-सदस्य बन गया जिसे वोट देने का भी अधिकारी है।
यूनीकोड मानक सार्विक करैक्टर इनकोडिंग मानक है जिसका प्रयोग कम्प्यूटर प्रोसेसिंग
के लिए टेक्स्ट के निरूपण के लिए किया जाता है। यूनीकोड मानक में विश्व की लेखनीबद्ध
भाषाओं के लिए सब करैक्टरों के इनकोड करने की क्षमता है। यूनीकोड मानक करैक्टर के
बारे में सूचना और उनका उपयोग बताते हैं। कम्प्यूटर उपयोक्ताओं के लिए जो बहुभाषी
टेक्स्ट पर काम करते है, व्यापारियों, भाषाविदों, अनुसन्धानकर्त्ताओं, वैज्ञानिकों,
गणितज्ञों और तकनीशियिनों के लिए यूनीकोड मानक बहुत लाभप्रद हैं। यूनीकोड एक 16-बिट
इनकोडिंग का प्रयोग करता है जो 65000 करैक्टरों से भी ज़्यादा (65536) के लिए कोड-प्वाइंट
उपलब्ध कराते हैं। यूनीकोड स्टैंडर्ड प्रत्येक करैक्टर को एक विलक्षण संख्यात्मक
मान और नाम देते है। यूनीकोड स्टैंडर्ड और क्ष्च्ग्र् 10646 स्टैंडर्ड 4TF-16 नामक
एक विस्तार यंत्रावली उपलब्ध कराते हैं जो एक मिलियन तक के लिए इनकोडिंग कर सकते
हैं। फिलहाल यूनीकोड स्टैंडर्ड 49194 करैक्टरों के लिए उपलब्ध कराता हैं। ।
| कैरेक्टर
इनकोडिंग के लिए यूनीकोड की क्या नीति है? |
यूनीकोड
कंसोरटियम करैक्टर इनकोडिंग स्थिरता के लिए नीति निर्धारित की
है जिसके द्वारा करैक्टर विलोपन या करैक्टर के नाम में परिवर्तन
संभव नहीं है केवल व्याख्या को अद्यतन बनाया जा सकता है।
1.
एक बार करिक्टर की इनकोडिंग होने के बाद उसे हिलाया या हटाया
नहीं जाएगा।
2. एक बार कैरिक्टर की इनकोडिंग होनके बाद उसका नाम नहीं बदला
जाएगा।
3. एक बार कैरिक्टर की इनकोडिंग होने के बाद इसकी कैननीकल संयोजी
श्रेणी और उपघटन (चाहे कैननीकल हो या संगतता) को इस तरीके से
परिवर्तित नहीं किया जाएगा कि सामान्यकरण प्रभावित हो।
4. एक बार कैरिक्टर की इनकोडिंग होने पर इसके गुण परिवर्तित
किए जा सकते हैं लेकिन इस तरीके से नहीं कि कैरिक्टर की मूलभूत
पहचान बदल जाए
5. यूनीकोड कैरिक्टर डेटाबेस में कुछ गुण-मानों की संरचना नहीं
बदली जाएगी
| यूनीकोड
और ISCII कोड के बीच मूल अन्तर क्या है? |